लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड स्वयंसेवकों के कल्याण और कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी थानों में होमगार्ड जवानों के लिए पृथक कक्ष आरक्षित करने तथा उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री यह बातें मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित होमगार्ड संगठन के 62वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर परेड की सलामी लेने के बाद उपस्थित जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कही।सीएम योगी ने कहा कि होमगार्ड प्रदेश पुलिस का एक मजबूत सुरक्षा कवच हैं और वर्ष 1963 से वे कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा, अनुशासन और राष्ट्रहित ही होमगार्ड जवानों की पहचान है।मुख्यमंत्री ने बताया कि कानून-व्यवस्था, यातायात संचालन, डायल-112, चुनाव, जेल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा, महाकुंभ एवं परीक्षाओं जैसे बड़े आयोजनों में होमगार्ड जवानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
कोरोना काल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में होमगार्ड जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाने में सराहनीय योगदान दिया।सीएम योगी ने बताया कि ड्यूटी के दौरान दिवंगत प्रत्येक होमगार्ड जवान के परिवार को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जा रही है। अब तक 2,381 जवानों के आश्रितों को 152 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।उन्होंने कहा कि होमगार्ड जवानों के दैनिक, प्रशिक्षण और अंतरजनपदीय भत्तों में वृद्धि की गई है। साथ ही विभागीय कार्यालयों एवं आवासीय भवनों के निर्माण कार्य को भी गति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में आपदा मित्रों की नियुक्ति की जा रही है तथा होमगार्ड विभाग द्वारा आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से 4,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अतिरिक्त विभाग की वेबसाइट एवं होमगार्ड मित्र ऐप के माध्यम से उपस्थिति, भत्तों और भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाया जा रहा है।कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति, प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, महानिदेशक एम.के. बशाल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं होमगार्ड जवान उपस्थित रहे।