केंद्र सरकार द्वारा गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने की समय-सीमा दी गई है। सरकार की ओर से इसके Terms of Reference (ToR) जारी किए जा चुके हैं, जिसके बाद आयोग ने औपचारिक रूप से अपना कार्य शुरू कर दिया है। यह अवधि नवंबर 2025 से मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, वेतन आयोग इस दौरान केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्तों, पेंशन ढांचे और सेवा शर्तों की व्यापक समीक्षा करेगा। महंगाई दर, जीवन यापन की लागत, कर्मचारियों की वित्तीय जरूरतें और सरकारी खर्च जैसे अहम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सिफारिशें तैयार की जाएंगी।

सैलरी हाइक को लेकर क्या है मौजूदा स्थिति
फिलहाल सरकार ने वेतन वृद्धि को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा घोषित नहीं किया है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार, 8वें वेतन आयोग में 30 प्रतिशत तक वेतन बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है। फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी अटकलें हैं, लेकिन इस पर अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट के बाद ही होगा।
एरियर पर अभी निर्णय नहीं
कर्मचारियों के बीच 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने की चर्चाएं तेज हैं, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि एरियर को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। एरियर का निर्धारण आयोग की सिफारिशों और कैबिनेट की मंजूरी के बाद किया जाएगा।
कब लागू हो सकता है नया वेतन ढांचा
यदि आयोग तय समय के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देता है, तो 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में लागू हो सकती हैं। इसके बाद ही कर्मचारियों और पेंशनर्स को वेतन और पेंशन में वास्तविक बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर, 8वां वेतन आयोग गठित हो चुका है और उसे 18 महीने का समय दिया गया है, लेकिन सैलरी हाइक और एरियर के लिए कर्मचारियों को अभी इंतजार करना होगा।