उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से दोपहिया वाहन चालकों के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब राज्य में बाइक या स्कूटर चलाते समय न केवल चालक बल्कि पीछे बैठने वाले सवारी के लिए भी ISI-मार्क हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से सिर में गंभीर चोट लगने से होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी आएगी।
दोनों सवारों के लिए ISI हेलमेट अनिवार्य
नए निर्देशों के अनुसार, अब उत्तर प्रदेश में दोपहिया वाहन चलाते समय चालक और पिलियन राइडर दोनों के लिए ISI प्रमाणित हेलमेट पहनना जरूरी होगा। बिना ISI मार्क वाले हेलमेट को अमान्य माना जाएगा। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है और इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा।

नई बाइक खरीदते समय दो हेलमेट देना होगा जरूरी
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि अब जब भी कोई व्यक्ति नई बाइक या स्कूटर खरीदेगा, तो वाहन विक्रेता को ग्राहक को दो ISI-मार्क हेलमेट देना अनिवार्य होगा। एक हेलमेट चालक के लिए और दूसरा पीछे बैठने वाले सवारी के लिए दिया जाएगा। हेलमेट से जुड़ी जानकारी वाहन पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।
नियम तोड़ने पर जुर्माना और लाइसेंस पर कार्रवाई
यदि कोई व्यक्ति बिना हेलमेट या नियमों के विपरीत वाहन चलाते पाया गया, तो उस पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही बार-बार उल्लंघन की स्थिति में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द किए जाने की भी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को कम करना उद्देश्य
परिवहन विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान होने वाली मौतों में बड़ी संख्या सिर में गंभीर चोट लगने के कारण होती है। हेलमेट न पहनना इसका मुख्य कारण माना जाता है। इसी को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि लोगों की जान बचाई जा सके और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके।
पुलिस और परिवहन विभाग करेगा सख्त निगरानी
सरकार ने पुलिस और परिवहन विभाग को निर्देश दिए हैं कि इस नियम के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नियमित चेकिंग अभियान चलाए जाएँ। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी और लोगों को नियमों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।